'सच्चा' मनुष्य बनना।
सनातन की राह पकड़के
'भारतभक्त' है बनना।।ध्रु।।
करना न हो तुम्हें तो
तो मत कर मूर्तिपूजा।
(सच्चे)आत्मा से अपने
बड़ा भगवान न दूजा।।
बुद्धिवाद के नाम पर परंतु
पाखंड ना चलाना ।
सनातन की राह पकड़के
भारतभक्त है बनना।।१।।
ना इर्ष्या कर किसी से
द्वेष किसी का न करना।
सच्चिदानंद से तुम
वंचित रहोगे वरना।।
मानवता के (सच्चे) विकास की
राह तुम्हें है पकड़ना।
सनातन की राह पकड़के
भारतभक्त है बनना।।२।।
भक्त तुम बनना अवश्य
परंतु राजदास(गुलाम)ना बनना।
मिले रोटी(और बेटी) इसलिए
'चाटुकारी' न करना।
कम हो जिंदगी परंतु
स्वाभिमान से है जीना।
सनातन की राह पकड़के
'भारतभक्त' है बनना।।३।।
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