(Tip: I am keen abt. we have to keep our vilages, towns, cities and metros clean. No compramise with it).
Normaly humen hate savage. But we are from savage, eat sevage and our body is also sevage. Our pleasurs are also related with sevage. This is reality of not only human but also animal life.
Monday, November 19, 2018
Reality of animal(human inclusive) life.
Sunday, August 26, 2018
Need of Brahmanism and Brahmins
There are many misunderstandings about Brahminism and Brahmins like untouchability, gender and cast unequality due to Brahmins and Brahminism.
But reality is far away. These misbeliefs had spread by some missinories and British for ruling India. Originaly it was Bramhan which knows Bramha(ultimate truth which is evey time and everywhere. Brahmin is a wise person and Brahmanism is wiseness originaly which not depend on bitrth. It is no need to say every nation needs Brahmnism and Brahmins
Saturday, August 25, 2018
सनातन संस्था और स्वकथित पुरोगामियोंका पेटदर्द!
(विशेष सूचना: मै सनातन संस्था का साधक नही हूँ और नाही मै इनके आश्रमोमें जाता हूँ लेकिन मै बहुतसे साधकको जानता हूँ और कभी कभी सनातन प्रभात पढता हूँ इसलिए इनके बारेमे कूछ बोलनेका अधिकार रखता हूँ।)
आजकल देश मे जरासा कोई खुट्ट हो तो स्वकथित पुरोगामियोद्वारा सनातन संस्थापे बंदी लानेकी मांगणी की जाती है और कहा जाता है की ये संस्था आतंकवादी पैदा कर रही है। ये केवल इसीलिए है इसके संस्थापक ब्राह्मण है और इन स्वकथित पुरोगामियोको सच्चे बम्मनोकी एलर्जी है क्योकीं वो समाज को सही मार्गदर्शन करते है। क्या ये स्वकथित पुरोगामी मानते है की इसा के वक्त, मुहंम्मद के वक्त सनातन संस्था थी क्योकीं इनके वक्त भी भयवाद था जिसका सामना इन दोनोको करना पडा! इनका पेटदर्द ये है की इनके इतने दुष्टप्रचार के बावजूद भी बहूजन समाज इस संस्था मे बडी संख्यामे शामिल हो रहा है।
Monday, August 20, 2018
परोपकराय पुण्याय ...पण कोणासाठी!
इतर पंथ/संप्रदाय आणि वैदिक पंथ/संप्रदाय(ज्यामध्ये वैदिक तत्वज्ञान शिल्लक आहे) तसेच बौद्ध, जैन यामध्येही अहिंसा, परोपकार याला पुजापाठापेक्षा जास्त महत्व दिलं जातं. भागवतधर्माचं सार काय तर कृष्णद्वैपायन व्यासांची दोन वचनं परोपकराय पुण्याय आणि पापाय परपीडणम.
पण ही दोन्ही वचनं एकत्रित घ्यायची आहेत नाहीतर परोपकार करताना आपण परपीडण करू. वाघाची भूक भागविण्यासाठी गायीचा बळी द्यायचा का ! तर नाही(जी गोमाता आपल्यावर अनंत उपकार करते प्रसंगी तिचा जीव वाचविण्यासाठी खरंतर आपण प्राणांचाही बळी दिला पाहिजे पण भेकडपणा आड येतो).(हे केवळ उदाहरण म्हणून घ्यावं, मी गोपालक/रक्षक नाही की समर्थक नाही).
असो, तर मुद्दा काय परोपकार करावा पण परपीडण न करता.
Tuesday, August 14, 2018
जगतोय कशासाठी!
तुमच्यापैकी कुणाच्या मनात विचार येतो का हो? बहुतेक येत नसेलच. आपण सारे पैसा, संपत्ती, प्रतिष्ठा कमावण्याच्या मागे इतके लागले एवढं कमवून तरी आपण सुख(अंती) कमावतो आहोत की नाही याचा विचार करायला आपल्याकडे वेळ नाहीय.
आज अनेकांकडे चिक्कार पैसा आहे, दागिने आहेत, साधनं आहेत पण उसंत आहे का? कुणी विचार करतोय का नैतिक-अनैतिक मार्गांचा वापर करून हे कमवतोय पण मृत्यूनंतर काय उपयोग आहे त्याचा! कोणी म्हणेल संतानाला होईल पण संतान याचा उपभोग घेईलच याची शाश्वती आहे का? खोटया इंग्रजीपणाच्या अहंकारापायी आपण निसर्गाला राबवत आहोत त्याचं शोषण करत आहोत याचा परिणाम आपल्या वंशावर निश्चितच होणार आहे मग कशासाठी हे करायचं! जरा शांतपणे विचार करा. आपल्या सनातन भारतीय संस्कृतीकडे(सभासंसने सांगितलेली नव्हे) वळा. त्यातच आपलं हीत आहे.
जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण!
Tuesday, August 7, 2018
पतीव्रत धर्म: एक चिंतन
कोईभी स्त्री पतीव्रता हो ये अच्छाही है। लेकिन मेरे विचारमे स्रीका पतीव्रता होना काफी नही है, पतिका धर्मनिष्ठ होना(समाजके प्रति, राष्ट्र के प्रति)भी आवश्यक है। अगर औरत पतीव्रता हो लेकिन उसका पती(शादी किया हुआ आदमी)नशेमे, जुएमे या और बुराइमे लिप्त हो या राष्ट्रद्रोही हो तो पतिव्रता चाहे अपने पुरखॉ स्वर्ग दे लेकिन समाज और राष्ट्र केलिये ये हानीही है। अगर हमे समर्थ राष्ट्र बनणं है तो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र इन चारो वर्णोको धर्मशील और सत्यानुगामी बनाना चाहिए।
जय सिंध, जय महाराष्ट्र!
Sunday, March 11, 2018
भयंकर षड्यंत्र की तैयारी
**Gaurav Pradhan (DrGPradhan) ट्विटर के सबसे बड़ेनामो में से एक है। वे डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी और SMAC(सोशल, मोबाइल, अनालीटिक, क्लाउड) के अंतराष्ट्रीय स्तर के रणनीतिज्ञ है। वे जब, 2014 से पहले अमेरिका में थे, तब से भारत मे राष्ट्रवादी सरकार लाने के लिये ट्विटर पर अपनी ट्वीट के जरिये काम कर रहे है। नरेंद्र मोदी जब सिर्फ प्रधानमंत्री के उम्मीदवार थे तब से वो गौरव प्रधान को फॉलो कर रहे है।**आज Neena Verma ने उनके ट्वीट्स के एक संकलन को फेसबुक में डाला है जो उन्होंने 2018 को लेकर लिखा था। यह अंग्रेज़ी में है इस लिये इसका हिंदी में अनुवाद इस पोस्ट में लिखा जा रहा हैं। ये ट्वीट्स न सिर्फ हैरान करने वाले है बल्कि चिंताजनक भी है।**REVOLT against @narendramodi ji**1.जब मैंने ट्विटर पर यह पोल ट्वीट किया था तब मैने इसको मज़ाक में या HRW(कट्टर राष्ट्रवादियों)पर क्रोधित हो कर नही लिखा था। यह लोगो को यह हिंट देने के लिये लिखा था कि यदि मोदी जी क्षितिज से हट जाते है तो भारत का(2019 में) कौन प्रधानमंत्री होगा और यही Queen(सोनिया गांधी) हर कीमत पर चाहती है।**2. मैंने पहले ही यह बता दिया था की (भारत के लिये) 2018 का वर्ष एक_रक्तरंजित_ वर्ष है और आप सब उन घटनाओं के साक्षी होने वाले है जिसकी आप कल्पना भी नही कर सकते है।**क्वीन (सोनिया गांधी) ने जो 10 वर्ष के UPA काल मे कमाया है वह सब Pappu(राहुल गांधी) पर, अगले एक वर्ष में लगा देगी। जो पैसा खर्च किया जायेगा वह NDA सरकार की GDP का करीब 5% से 8% होगा।**3. नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध विद्रोह की बल्कि यह आज से 4/5 महीने पहले बनी है। हालांकि Miya Patel(अहमद पटेल) इस कार्य पर 2017 की गर्मी से लगे हुये है।**4. याद है, कुछ महीने पहले ममता(बनर्जी), उद्धव(ठाकरे) से मिलने पहुंची थी? (बीजेपी के) सहयोगियों के साथ (मोदीजी के विरुद्ध विद्रोह) योजना की शुरवात वही से हुई थी। एक मीटिंग में क्वीन( सोनिया गांधी) ने ममता बनर्जी को इस काम के लिये कहा था। वो सोनिया के लिये सेतु का काम कररही है और इस विद्रोह का नेतृत्व कर रही है।**अब आपने यह देख ही लिया है कि उद्धव(ठाकरे) बीजेपी के गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर चुके है।**5. उद्धव के बात ममता ने @ncbn(एन चंद्रबाबू नायडू) से रिश्ते बनाये। अगले कुछ दिनों या हफ्ते में आप (चंद्राबाबू) नायडू को नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध विद्रोह करते हुये देखेंगे।**इसके बाद अकाली विद्रोह करेंगे और उसके बाद नीतीश(कुमार) और फिर (रामविलास)पासवान विद्रोह करेंगे।**6. ये सब सीटों और मंत्रालयों को लेकर बड़े हिस्से की मांग करेंगे। इनके साथ एक बड़ी शक्ति भी नरेंद्र मोदी के विरुद्ध खड़ी होगी जिसमें (2014 के) क्लब 160 (बीजेपी के नेता), बीजेपी के वर्तमान के कुछ सांसद, अकर्मण्य सांसद और एक महिला बीजेपी मंत्री शामिल है।**7. करीब 50 वर्तमान में बीजेपी सांसद, मियां(अहमद) पटेल के संपर्क में है। ये वे सांसद है जिन्होंने कोई काम नही किया है और उनको 2019 में टिकट भी नही मिलेगा।**इन सबको मियां पटेल के कैम्प द्वारा बहुत बड़ी रकम के साथ, 2019 के चुनाव में टिकट भी देने का प्रस्ताव रखा है।**8. मिंया(अहमद) पटेल इन सबको JDU(जनता दल यूनाइटेड) के झंडे तले आने को कहा है। एक मंत्री जो एक अम्बेडक्राइट पार्टी का प्रमुख भी है , उससे मिलने (अहमदपटेल) गये थे।**9. यह थ्रेड(ट्वीट्स) कोई कल्पित कथा नही है बल्कि 100% अंदर की सूचना है।**मियां(अहमद) पटेल का कैम्प बीजेपी आईटी सेल के लोगो और (राष्ट्रवादियोंके) बड़े हैंडल्स(नाम) को, नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध विद्रोह का समर्थन करने के लिये, 50 हज़ार से 15 करोड़ तक देने का प्रस्ताव रखेंगे।**जिन HRW(कट्टर राष्ट्रवादीयों)ने यूपी के चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिये ट्वीट किया था वे राडार पर है उन पर निगरानी रक्खी जारही है।**10. बिहार के चुनाव के वक्त प्रशांत किशोर ने 5000+ फ़र्ज़ी राष्ट्रवादी के हैंडल्स(आईडी) बनाये थे जो अब करीब 7000 हो गये है। इस सब फ़र्ज़ी राष्ट्रवादी एकाउंट्स का उपयोग जनता को मोदी जी के खिलाफ भड़काने के लिये किया जायेगा।**11. एक बात पर गौर करे की पप्पू(राहुल गांधी) चुप हो गया है। मालूम है क्यों???**12. क्योंकि क्वीन(सोनिया गांधी) ने निर्देश दिया है कि वह मुहँ बन्द रक्खे बाकी वह देख लेंगी।**आंतरिक विद्रोह बीजेपी के अंदर के लोगो का विश्वास डगमगा देगा। आडवाणी जी के काल के और बाजपेयी जी की सरकारके कई भूतपूर्व मंत्री अपने को उपेक्षित समझ कर मोदी जी,(अमित) शाह को उखाड़ फेंकना चाहते है।**13. कुछ वरिष्ठ मंत्री यह भुनभुना रहे है की नरेंद्र मोदी के नीचे जी कमर तोड़ मेहनत करने से अच्छा है की वे विपक्ष में बैठे। ये वो जोंक है जो NDA की सरकार आने केबाद मलाई मिलने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन मोदी जी के कंट्रोल के कारण कुछ नही कर पारहे है।**14. आप दिल्ली के बाबुओं से पूछे, वे सब चाहते है कि नरेंद्र मोदी जी चले जाय ताकि पहले की तरह मौज मस्ती वापस लौट आये।i**15. आप सोचते होंगे कि मै षणयंत्र के मतों को ट्वीट करता हूँ। आप 2020 तक प्रतीक्षा कर लीजिये। मैं जब ट्वीट करना बंद कर दूं या फिर मैं जीवित न रहूं, तब मेरे ट्वीट्स को फिर से पढ़ लीजियेगा। तब आपको पता चलेगा की मैने आप लोगो को चेतावनी वर्षो पूर्व दे दी थी।**'यदि' UPA फिर से वापस आती है तो मैं पहला हूंगा जिसको ठिकाने लगाया जायेगा। मैं यह सिर्फ और सिर्फ 'यदि' कह रहाहूँ।**###### हम क्या कर सकते हैं #####**सर्वप्रथम, सावधान रहें, इस तरह के खड्यंत्र से....ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस पोस्ट को पहुंचाने का कष्ट करें। भारत विरोधी शक्तियां कितना भी धन खर्च करेगी देश को तोडने के लिए, लेकिन चूँकि यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था हैं, बगैर जनता के भटके कुछ नहीं हो पायेगा। तो जरूरत मात्र इतनी हैं कि हमें सतर्क व संगठित रह कर औरों को सतर्क बनाते रहने कि आवश्यकता हैं।Jatin Khanka