Saturday, August 25, 2018

सनातन संस्था और स्वकथित पुरोगामियोंका पेटदर्द!

(विशेष सूचना: मै सनातन संस्था का साधक नही हूँ और नाही मै इनके आश्रमोमें जाता हूँ लेकिन मै बहुतसे साधकको जानता हूँ और कभी कभी सनातन प्रभात पढता हूँ इसलिए इनके बारेमे कूछ बोलनेका अधिकार रखता हूँ।)
आजकल देश मे जरासा कोई खुट्ट हो तो स्वकथित पुरोगामियोद्वारा सनातन संस्थापे बंदी लानेकी मांगणी की जाती है और कहा जाता है की ये संस्था आतंकवादी पैदा कर रही है। ये केवल इसीलिए है इसके संस्थापक ब्राह्मण है और इन स्वकथित पुरोगामियोको सच्चे बम्मनोकी एलर्जी है क्योकीं वो समाज को सही मार्गदर्शन करते है।  क्या ये स्वकथित पुरोगामी मानते है की इसा के वक्त, मुहंम्मद के वक्त सनातन संस्था थी क्योकीं इनके वक्त भी भयवाद था जिसका सामना इन दोनोको करना पडा!  इनका पेटदर्द ये है की इनके इतने दुष्टप्रचार के बावजूद भी बहूजन समाज इस संस्था मे बडी संख्यामे शामिल हो रहा है।

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