स्वदेशी का सही अर्थ अपने प्रदेशमे(३० किमि दायरेमे) होने वाली चिजेही लेना| आज कोविड-१९ के पार्श्र्वभूमीपर इनकी महतता और अधोरेखित होती है| असलमे आप जैसे सुज्ञोको 'कैसे ये' बतानेकी आवश्यकता नही है| फिरभी कुछ शंकासुर मूर्खोंकेलिए थोडकेमे बताता हूं|
आज कोरोना के कारण यातायात बंद है|आयुर्वेद के नुसार(मैने वैद्योंसे जो सुना-पढा है, और इसकी मुझे खात्री है) स्वदेशी आरोग्यदायी भी है| इस वक्तमे हम अगर 'स्वदेशी व्रती' होते तो दिक्कते काफी हद तक कम होती| ऐसेही उपवास(अनशन)से हमे अन्नके बीना रहनेकी आदत हो सकती है जिससे हम विपरीत परिस्थितीमेभी जी सकते हैं| इसके सिवा उपवाससे आत्मिक और स्पिरीतुअल(spiritual) शक्तीयाभी मिलती है|
मुझे लगता है आपको समझानेकेलिए इतना काफी है| जय 'भारत', जय 'जगत'!
Sunday, March 22, 2020
स्वदेशी आत्मनिर्भरता और उपवास(अनशन)! इनमे कुछ तो है 'खास' !
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