उप माने पास और वास माने रहना! उपवास का असली अर्थ है (भगवानके)पास रहना ना कीं अनशन.लेकिन भगवानके पास रहनेमे कोई 'त्रास' ना हो इसलिए अनशन करनेको कहा गया है|
लेकिन आज के युगमें लोग रोजका भोजन नहीं करते लेकिन शाबू खाते है| वैसे शाबू दिखनेमे शाकाहार है लेकीन ये मांसाहारसेभी खराब हे| इसके बनानेमे गायकी चर्बी उपयोग की जाती है| उसपर बनते समय तरह-तरहके कींडे गीरते रहते है| इससे शरीरको उपयुक्त कुछ मिलताभी नहीं(ये अठारह दिनतक खाली पडा रहता है(सिर्फ आतोंको त्रास!)| इसलिए साबुदाणा खाके उपवासी(?) होंनेंसे अच्छा है दाल-चावल खायें|
Monday, January 13, 2020
उपवास और शाबू
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