Monday, January 13, 2020

उपवास और शाबू

उप माने पास और वास माने रहना! उपवास का असली अर्थ है (भगवानके)पास रहना ना कीं अनशन.लेकिन भगवानके पास रहनेमे कोई 'त्रास' ना हो इसलिए अनशन करनेको कहा गया है|
लेकिन आज के युगमें लोग रोजका भोजन नहीं करते लेकिन शाबू खाते है| वैसे शाबू दिखनेमे शाकाहार है लेकीन ये मांसाहारसेभी खराब हे| इसके बनानेमे गायकी चर्बी उपयोग की जाती है| उसपर बनते समय तरह-तरहके कींडे गीरते रहते है| इससे शरीरको उपयुक्त कुछ मिलताभी नहीं(ये अठारह दिनतक खाली पडा रहता है(सिर्फ आतोंको त्रास!)| इसलिए साबुदाणा खाके उपवासी(?) होंनेंसे अच्छा है दाल-चावल खायें|

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